रिको और एप्सों दोनों प्रसिद्ध प्रिंटहेड निर्माता हैं। उनके नोजल में निम्नलिखित अंतर हैं: तकनीकी सिद्धांत: रिको नोजल थर्मल बबल इंकजेट तकनीक का उपयोग करते हैं, जो थर्मल विस्तार के माध्यम से स्याही को बाहर निकालता है। Epson नोजल माइक्रो-प्रेशर के माध्यम से स्याही को बाहर निकालने के लिए माइक्रो-प्रेशर इंकजेट तकनीक का उपयोग करते हैं। परमाणुकरण प्रभाव: विभिन्न इंकजेट प्रौद्योगिकियों के कारण, रिको नोजल छोटी स्याही की बूंदें उत्पन्न कर सकते हैं, जिससे उच्च रिज़ॉल्यूशन और बेहतर मुद्रण प्रभाव प्राप्त होता है। Epson नोजल अपेक्षाकृत बड़ी स्याही की बूंदें उत्पन्न करते हैं और तेज मुद्रण गति वाले अनुप्रयोगों के लिए उपयुक्त हैं। स्थायित्व: आम तौर पर, रिको प्रिंटहेड अधिक टिकाऊ होते हैं और लंबे समय तक उपयोग और बड़े प्रिंट वॉल्यूम का सामना कर सकते हैं। Epson नोजल के घिसने का खतरा अपेक्षाकृत अधिक होता है और इन्हें बार-बार बदलने की आवश्यकता होती है। लागू फ़ील्ड: तकनीकी अंतरों के कारण, रिको नोजल उन क्षेत्रों के लिए अधिक उपयुक्त हैं जिनके लिए उच्च रिज़ॉल्यूशन और बढ़िया प्रिंटिंग प्रभाव की आवश्यकता होती है, जैसे फोटोग्राफी प्रिंटिंग, आर्टवर्क प्रिंटिंग इत्यादि। एप्सन नोजल उच्च गति आवश्यकताओं वाले अनुप्रयोगों के लिए अधिक उपयुक्त हैं, जैसे कार्यालय दस्तावेज़ मुद्रण, पोस्टर मुद्रण, आदि। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि उपरोक्त रिको और एप्सन नोजल के बीच केवल सामान्य विशेषताएं और अंतर हैं, और विशिष्ट प्रदर्शन भी उपयोग किए गए प्रिंटर मॉडल और कॉन्फ़िगरेशन से प्रभावित होगा। प्रिंटर चुनते समय, वास्तविक जरूरतों और अपेक्षित मुद्रण परिणामों के आधार पर विभिन्न नोजल के प्रदर्शन का मूल्यांकन और तुलना करना सबसे अच्छा है।
पोस्ट करने का समय: नवंबर-30-2023